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व्यक्ति परिचय

vyakti parichay

अनुवाद : सुरेश सलिल

डबल्यू. एच. ऑडेन

डबल्यू. एच. ऑडेन

व्यक्ति परिचय

डबल्यू. एच. ऑडेन

और अधिकडबल्यू. एच. ऑडेन

    एक शिलिंग मूल्य की जीवनी आपको सारे तथ्य सुलभ करा देगी

    कि बाप ने कैसे उसकी पिटाई की, कैसे वह घर से भागा

    युवावस्था में क्या-क्या पापड़ बेलने पड़े, किन कामों ने

    उसे अपने दौर की सबसे बड़ी हस्ती बनाया :

    कि कैसे वह जूझा, मछुआही और शिकार के क़िस्से

    और सारी-सारी रात काम में खटने के,

    अस्थिर स्वभाव के बावजूद, ऐसे पहाड़ों पर चढ़ा, जिन पर

    पहले कोई नहीं चढ़ पाया था,

    एक सागर को उसका नाम दिया,

    कुछेक अंतिम शोधकर्ताओं ने तो यह भी लिखा है कि

    हमारी-तुम्हारी तरह उसने इश्क़ किया और हज़ार-हज़ार आँसू रोया।

    अपने सारे तमग़ों-पुरस्कारों के बावजूद

    वो एक ऐसी शै के लिए आहें भरता रहा जो

    भौंचक आलोचक बताते हैं; घर की चारदीवारी में क़ैद रही

    घर के छोटे-छोटे कामों में ही खटती रही

    और बस्स्; सीटियाँ बजाती, खोई-खोई-सी बैठी रहती

    या बग़ीचे में यूँ ही भटकती रहती,

    उसने कुछेक लंबे और ख़ूबसूरत ख़तों के जवाब भी दिए उसके

    लेकिन सहेजा नहीं कुछ भी।

    स्रोत :
    • पुस्तक : रोशनी की खिड़कियाँ (पृष्ठ 226)
    • रचनाकार : डबल्यू. एच. ऑडेन
    • प्रकाशन : मेधा बुक्स
    • संस्करण : 2003

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