वरना मारे जाओगे

अदनान कफ़ील दरवेश

वरना मारे जाओगे

अदनान कफ़ील दरवेश

और अधिकअदनान कफ़ील दरवेश

    रघुवीर सहाय को याद करते हुए

    मत भूलो कि तुम मुसलमान हो
    बस लोगों को छलावा देते रहो कि तुम मुसलमान नहीं हो
    वरना मारे जाओगे
    राह चलते ख़याल रखो 
    कि कहीं तुम्हारी क़मीज़ से 
    मुसलमान होने की बू तो नहीं आ रही
    ख़याल रखो किसी से बहस करते हुए 
    कुछ बोलते हुए 
    कुछ करते हुए
    यहाँ तक कि हँसते और रोते हुए भी
    कि कहीं तुम मुसलमान तो नहीं लग रहे
    वरना मारे जाओगे
    ये बात हमेशा याद रखो कि तुम एक मुसलमान हो 
    और तुम मरोगे नहीं
    एक दिन 
    मारे जाओगे!

    स्रोत :
    • रचनाकार : अदनान कफ़ील दरवेश
    • प्रकाशन : हिन्दवी के लिए लेखक द्वारा चयनित

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