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तुलसी हमार

tulsi hamar

सत्यधर शुक्ल

सत्यधर शुक्ल

तुलसी हमार

सत्यधर शुक्ल

और अधिकसत्यधर शुक्ल

    तुलसी हमार, हमका पियार,

    हमका पियार, तुलसी हमार।

    जो हमका राह बताइ गवा;

    जो भगती-ग्यानु सिखाइ गवा;

    जो सीधी सादी भाषा मा

    सब बेद मंत्र द्वहराइ गवा;

    हरि गवा हिये का अंधकार।

    हमका पियार, तुलसी हमार।

    जब संस्कृति बूड़ी जाति रहइ;

    भारत-माता बिलखाति रहइ;

    जब भेद-भाव की खिरिकिन ते

    कहुँ धरमु बिबस मुलुकाति रहइ;

    तब द्यखराइसि रामावतार।

    हमका पियार, तुलसी हमार।

    विद्वान जहाँ पर अटकि जाइ;

    अनपढ़उ जाइ आनंदु पाइ;

    ज्यहिकी कबिता पढ़ि भुँइवासी

    द्यौतन की पदवी पाइ जाइ;

    ज्यहिका सबकी बदि खुला द्वार।

    हमका पियार, तुलसी हमार।

    जो सोहर-मंगल-पद गाइसि;

    रचि कबित-सवैया सुखु पाइसि;

    जो दोहा चौपाइन के

    कमलन ते मानस महकाइसि;

    सब तारन मा यक्कै पुकार।

    हमका पियार, तुलसी हमार।

    1962 ई.

    स्रोत :
    • पुस्तक : अरघान (पृष्ठ 36)
    • रचनाकार : सत्यधर शुक्ल
    • प्रकाशन : पं. वंशीधर शुक्ल स्मारक एवं साहित्य प्रकाशन समिति, मन्यौरा, लखीमपुर खीरी
    • संस्करण : 2021

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