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तथाता

tathata

वैशाली थापा

और अधिकवैशाली थापा

    अनायास नहीं बोलोगी तुम

    अभिव्यक्ति से पहले गहरे मौन के अर्थ को टटोलोगी

    एक विचार पर बहुत कुछ कह सकती हो

    मगर पहले नापोगी

    नहीं कहने और कहने के बीच की दूरी को

    असहमति से बहुत जल्दी सहमत नहीं हो जाओगी

    ढल जाओगी

    कठिन समय की तरह अटक सकती थी

    टल जाओगी

    नहीं कहोगी 'यहाँ कितना अँधेरा है।'

    नहीं जताओगी 'यह किस तरह की जगह है?'

    शुरुआत में आँख ज़ाहिर करेगी

    अंत में नदी में तैरना छोड़कर बहने लगोगी

    तुम नदी ही हो जाओगी

    और बयाँ करने को कुछ शेष नहीं रहेगा।

    स्रोत :
    • पुस्तक : मेरे घर में पृथ्वी (पृष्ठ 131)
    • रचनाकार : वैशाली थापा
    • प्रकाशन : हिंदीस्थान प्रकाशन
    • संस्करण : 2025

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