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स्पर्द्धा

sparddha

अक्षय आनन्द ‘सन्नी’

और अधिकअक्षय आनन्द ‘सन्नी’

    व्यापार छैक

    अपना लेल निर्गुण गाबि

    घवाह देहे टीशनसँ बस स्टैंड धरि

    गोटेक रेजकी लेल खेखनब

    व्यापारे छैक

    समदाओनक भासपर

    अपना-अपना हिसाबे

    गैंगरेप पीड़िताक वेदना रेघा-रेघा

    यूट्यूबपर व्यू हथोरब

    नोर बेचबाक

    एकटा अघोषित स्पर्द्धा ठनल छैक

    गबैया आ भिखमँगा माझ

    बस, देखबाक अछि

    के कतेक बेचि सकैए नोर

    के कतेक झाड़ि सकैए रेजकी!

    स्रोत :
    • पुस्तक : औनाइत आखर (मैथिली कविता-संग्रह) (पृष्ठ 80)
    • रचनाकार : अक्षय आनन्द ‘सन्नी’
    • प्रकाशन : नवारम्भ, पटना/मधुबनी
    • संस्करण : 2020

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