गूगल बाबा कै है थोड़ी मेहरबानी
gugal baba kai hai thoDi mehrbani
मनोज मिश्र ‘कप्तान
Manoj Mishra ‘Kaptaan
गूगल बाबा कै है थोड़ी मेहरबानी
gugal baba kai hai thoDi mehrbani
Manoj Mishra ‘Kaptaan
मनोज मिश्र ‘कप्तान
और अधिकमनोज मिश्र ‘कप्तान
गूगल बाबा के है थोड़ी मेहरबानी,
पुतानी बड़का ज्ञानी बनि गए,
देर रात तक मोबाइल पर, जमिकै ध्यान लगावैं,
सात घरी उठि आँखि मलैं, फिर अंगुरी सरकावैं,
होइगै सफल तपस्या, सरऊ महाध्यानी बनि गए,
नियम धरम सब धरे ताख पर, ना काशी ना काबा,
एकमात्र हैं इष्टदेव, कलजुग मा गूगल बाबा,
राखंय खबर विस्व कै, नारद जी कै बानी बनि गए,
पुतानी बड़का...
चारिउ जुग, परताप उन्हीं कै, ई एहसास करावैं,
दिल्ली से पटना तक, हर घटना पर सर्त लगावैं,
जलवा जुलुम किहा जस, ब्रह्मा जी कै नानी बनि गए,
पुतानी बड़का...
- पुस्तक : अवधी मिठास (पृष्ठ 89)
- रचनाकार : मनोज मिश्र ‘कप्तान’
- प्रकाशन : सर्वभाषा प्रकाशन, नई दिल्ली
- संस्करण : 2025
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