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स्मृतिक व्याकरण

smritik vyakran

आनन्द मोहन झा

आनन्द मोहन झा

स्मृतिक व्याकरण

आनन्द मोहन झा

और अधिकआनन्द मोहन झा

    स्मृति समेटने रहैत छैक

    अपना भीतर बहुत किछु

    स्मृति होइत छैक इतिहास

    बीतल समयक दस्तावेज सन

    एक स्मृतिसँ निकलैत छैक

    अन्य कएक तरहक स्मृतिक बाट सेहो

    जे जाइत छैक, भविष्य दिस निर्बाध

    स्मृति, अतीतकेँ वर्तमानसँ जोड़यवला पुल थिक

    कोनो विशेष स्मृतिमे

    विलीन भ' जाइत छैक

    मारिते रास स्मृति सभ

    कौखन स्मृति होइत छैक अहलादकारी

    कौखन कष्टकारक

    कौखन मार्मिक सेहो

    वस्तुतः

    स्मृतिक छैक अपन वितान

    अपन सिद्धांत

    अपन गणित

    अपन व्याकरण।

    स्रोत :
    • पुस्तक : नो मेन्स लैण्ड पर ठाढ़ कवि (पृष्ठ 110)
    • रचनाकार : आनन्द मोहन झा
    • प्रकाशन : नवारम्भ, मधुबनी/पटना
    • संस्करण : 2024

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