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रामराज लइ आवइ के

ramraj lai avai ke

मोहनलाल यादव

मोहनलाल यादव

रामराज लइ आवइ के

मोहनलाल यादव

और अधिकमोहनलाल यादव

    रहइ द्या बाबू रामराज लइ आवइ के

    रावण से मिलि सीता हरन करावइ के

    जीते जी हम नरक जिन्दगी भोगि रहे

    मरि जाए पे स्वर्ग सपन दिखलावइ के

    मंदिर बनइ या महजिद हमसे का मतलब

    आपन उजड़ी मड़ही अहै छवावइ के

    कुर्सी खातिर जनता के कंगाल किह्यौ

    रहइ द्या झूठै मन की बात सुनावइ के

    साहेब तोहरे मेट्रो सहर में आग लगै

    हमका बाटै आपन गाँव बचाव के

    हक माँगें किसान तौ गोली चलवावौ

    बंद करौ कृषक प्रेम दिखलावइ के

    सोवत जागत साँझ सबेरे झूठै झूठ

    झूठइ ओढ़इ झूठइ अहै दसावइ के

    जिद तोहार बा गुलसन में पतझड़ आवै

    हमरौ जिद बा उजड़ा चमन खिलावइ के

    स्रोत :
    • पुस्तक : अलगौझी (पृष्ठ 82)
    • रचनाकार : मोहनलाल यादव
    • प्रकाशन : हंस प्रकाशन, नई दिल्ली
    • संस्करण : 2023

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