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प्रेम मलंग के क़िस्से

prem malang ke qisse

ऐश्वर्या तिवारी

ऐश्वर्या तिवारी

प्रेम मलंग के क़िस्से

ऐश्वर्या तिवारी

और अधिकऐश्वर्या तिवारी

    तुम इमरोज़ हो जाओ तो शायद मैं अमृता कहलाऊँ

    तुम लैला लिखो तो मैं अल्लाह-सा नूर पाऊँ

    हीर-राँझा के क़िस्से पढूं तो इश्क़िया कहलाऊँ

    मैं रोमियो-जूलियट की जोड़ी की मिसाले कहूँ

    तो अंग्रेज़ी में ‘लव-स्टोरी’ लिख जाऊँ

    मैं साहिबा-सी शृंगार करूँ तो तुम में जाँबाज़ मिर्ज़ा पाऊँ

    मैं रेगिस्तान की रेत पे तुम्हारा-मेरा नाम लिखूँ

    तो ढोला और मारु-सी प्रेम प्यास अपने भीतर जगा पाऊँ

    मैं तुम्हारे अंदर बाजी-सा प्रेम देखना चाहती हूँ अपने लिए

    मैं चाहाती हूँ इश्क़ करना जात-पात से परे

    मस्तानी सी नाचना चाहाती हूँ झूम के

    मैं लकीरें बना कर मिटाना चाहती हूँ

    मैं हर दीवार पर तुम्हारा-मेरा प्रेम लिखना चाहाती हूँ

    मैं बिछड़ के फिर तुम से मिलना चाहती हूँ

    सुनो मैं ज़िंदगी मे हर प्रेम मलंग के क़िस्से अपने हिस्से में रखना चाहती हूँ

    मैं मस्त-मौला हो के तेरे जैसे कुम्हार की कच्ची मिट्टी बनना चाहती हूँ

    मैं शुरू से अंत तक सिर्फ़ तुमसे प्रेम करना चाहती हूँ…

    स्रोत :
    • रचनाकार : ऐश्वर्या तिवारी
    • प्रकाशन : हिन्दवी के लिए लेखक द्वारा चयनित

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