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प्रेम का होना

prem ka hona

विकास गोंड

विकास गोंड

प्रेम का होना

विकास गोंड

और अधिकविकास गोंड

    प्रेम का हो होना वरदान होता है

    ऐसा मैने किताबों में पढ़ा था

    लेकिन मेरे लिए हमेशा अभिशाप रहा

    प्रेम में दुनियाँ ख़ूबसूरत हों जाती है

    हर एक भौतिक वस्तु में

    प्रेम का कण दिखाई देता है

    हवाएँ, धूल, बारिश, सड़के, नदियाँ, पहाड़

    समंदर और सब कुछ जो आप सोच पाए

    प्रेम की अनुभूति कराते हैं

    और मैने भी किया

    जब सब कुछ नया था

    धीरे-धीरे मैं उसकी नज़रों से उतरता गया

    और कोई और उसकी नज़रों में योग्य

    व्यक्ति उसके लिए

    नायक की तरह उसकी दुनियाँ में प्रवेश करता है

    एक प्रेमी के रहते हुए

    किसी और के लिए जगह बचा पाना कितना कठिन होगा उसके लिए

    फिर भी उसने

    कठिन कार्य को किया

    जैसे एक बच्चे के रहते हुए

    नए बच्चे को जनम देना

    पूरा ध्यान और समर्पण

    नए के प्रति रखना होता है

    ठीक ऐसे ही

    उसने भी उसने किया

    और इस तरह उसने एक प्रेमी के रहते हुए

    एक और के लिए जगह बनाई

    पहले मुझे वो गलत लगी

    फिर मैं ख़ुद को गलत लगा

    और अब मुझे ये दुनियां ग़लत लगती है

    ख़ैर मनोविज्ञान कहता है कि

    ग़लत और सही सिर्फ़ एक अवधारणा है

    इस दुनियाँ में

    सब सही है और

    सब ग़लत

    लेकिन अगर आप प्रेम में हैं

    तो आपको मनोविज्ञान का ये

    सिद्धांत ही ग़लत लगेगा।

    स्रोत :
    • रचनाकार : विकास गोंड
    • प्रकाशन : हिन्दवी के लिए लेखक द्वारा चयनित

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