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प्रतिकार एखन बाँकी अछि

pratikar ekhan banki achhi

रामकृष्ण परार्थी

रामकृष्ण परार्थी

प्रतिकार एखन बाँकी अछि

रामकृष्ण परार्थी

और अधिकरामकृष्ण परार्थी

    आजादी त' मिल गेल

    अधिकार एखन बाँकी अछि

    सत्ता बरोबरक

    भागीदार एखन बाँकी अछि

    बाँकी अछि युद्ध एखन

    समता-भाइचाराक दुश्मनसँ

    हमरा अछोप समझै बला

    मनु केर वंशजसँ

    आब हम समझैत छी

    ब्राह्मणवादी छल-प्रपंचकेँ

    मनुक्खसँ दलित बनबय बला

    ओकर धर्मग्रंथक षड्यंत्रकेँ

    जखन भारतक संविधानमे

    हमरा बरोबरिक अधिकार अछि

    तखन हम कियैक फँसी ओकर धर्ममे

    जाहिमे हमर अपमान तिरस्कार अछि

    लोक कहैत अछि बिसरि जाउ

    अदौ कालक संतापकेँ

    लोक कहैत अछि बिसरि जाउ

    बाढ़नि-तौला बला बातकेँ

    लोक कहैत अछि बिसरि जाउ

    ओकर जघन्य अत्याचारकेँ

    मुदा हम बिसरी त' कोना

    अपन आत्मस्वाभिमानपर भेल कुठाराघातकेँ

    हम कोना बिसरि सकैत छी

    शूरवीर एकलव्यकेँ

    हम कोना बिसरि सकैत छी

    शम्बूक ऋषिक वधकेँ

    हम कोना बिसरि सकैत छी

    रोहित वेमूला काण्डकेँ

    हम कथमपि नहि बिसरि सकैत छी

    बाबा भीमक सिद्धांतकेँ

    हजारो बर्खक संतापक

    हिसाब एखन बाँकी अछि

    शोषक-उत्पीड़क समाजक

    प्रतिकार एखन बाँकी अछि

    बाँकी अछि युद्ध एखन

    भ्रष्ट बइमानसँ

    हमर हक-हिस्सा खाइ बला

    हरेक ओहि इनसानसँ।

    स्रोत :
    • पुस्तक : प्रतिकार एखन बाँकी अछि (मैथिली कविता-संग्रह) (पृष्ठ 47)
    • रचनाकार : रामकृष्ण परार्थी
    • प्रकाशन : नवारम्भ, पटना/मधुबनी
    • संस्करण : 2022

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