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गाँव से चल के दिल्ली ले आइल सड़क

साँप या सीढ़ी बन के भेंटाइल सड़क

काट के जड़ से रोपल गइल रोब से

पास के पेड़ पर तरस खाइल सड़क

कतहूँ अवरोध आइल, अलग हट गइल

फेर नया रास्ता खोज लाइल सड़क

मोड़ आइल, मुड़ल थोड़ा तिरछा भइल

ढाल उतरल लागल पराइल सड़क

जहवाँ सुनसान देखलक चुप्पे सुतल

संगी भूखे बा, बाटे भुखाइल सड़क

कवनो मठअत में अपनन से जादे रोअल

अठर बरियात में खिलखिलाइल सड़क

जबकि पथरन में खोदल नया नाम बा

तबहूँ लागेला केतना चिन्हाइल सड़क

कबसे दूरी घटावत रहल लोग के

बाकी मनई के ना जोड़ पाइल सड़क

स्रोत :
  • पुस्तक : अनसोहातो (कविता-संग्रह) (पृष्ठ 40)
  • रचनाकार : तैयब हुसैन पीड़ित
  • प्रकाशन : शब्द संसार, पटना
  • संस्करण : 2011

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