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ओ थिक हमर माँ

o thik hamar maan

दीपिका चन्द्रा

दीपिका चन्द्रा

ओ थिक हमर माँ

दीपिका चन्द्रा

और अधिकदीपिका चन्द्रा

    हमर अस्तित्वक पहिचान

    आँचरक दैत छाहरि

    हृदयसँ ममताक गाबैत गीत

    अपन मोनकेँ मारैत

    हमर मोनकेँ आश्वस्त करैत

    जे रहैत अछि सदति मुस्काइत

    थिक हमर माँ

    हृदयमे रखने अनन्त सिनेह

    सागर सन गहींर

    बसात सन शीतल

    जे हमर मिसिया भरि आह केला पर

    भऽ जाय अपस्याँत

    थिक हमर माँ

    हमर सभटा दुख

    अपनामे समेटैत

    अपन सभटा सुख

    हमरा पर छिड़ियाबैत

    अपन ममत्वक सुगन्धिसँ

    हमर जिनगी गमकाबैत

    स्नेहसुधा बिलहैत

    थिक हमर माँ

    माँक आँखिमे अछि करूणाक ज्योति

    ओकर हृदयमे छैक अगबे दुलार

    माथमे हमर भविष्यक चिन्ता

    हमरा सभक जिनगीक लेल

    जे झगड़ि जाइत अछि मृत्युओसँ

    थिक हमर माँ

    कखनो तमसबैत, कखनो बुझाबैत

    तँ कखनो गऽर लगाबैत

    सिनेहक मूरूत हमर

    सबटा चोटक दवाइ अछि माँ

    जे सम्पूर्ण धरतीसँ पैघ अछि

    ओकरा किछु शब्दक बन्हनमे

    नहि बान्हल जा सकैत अछि

    जे हमरा लेल अछि ईश्वरोसँ

    महत्वपूर्ण

    थिक हमर माँ

    स्रोत :
    • पुस्तक : चौकठिसँ चान दिस (पृष्ठ 16)
    • रचनाकार : दीपिका चन्द्रा
    • प्रकाशन : किसुन संकल्प लोक, सुपौल
    • संस्करण : 2024

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