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लुक्खी सन प्रयास

lukkhi san prayas

आनन्द मोहन झा

आनन्द मोहन झा

लुक्खी सन प्रयास

आनन्द मोहन झा

और अधिकआनन्द मोहन झा

    कोना बुझबै अहाँ हमर संवेदनाकेँ

    हमर हृदयक वेदनाकेँ

    हमर संवेदना अछि जाहिसँ जुड़ल

    अहाँक संवेदना अछि ओहिसँ नितांत इतर

    अहाँक संवेदना बहराइत अछि

    आखरक मादे कागत पर

    कविताक रूप ल' क'

    जाहिमे बचाक' रखबाक

    ब्योंत कयने छी अहाँ

    सभटा सम्बन्धकेँ

    हमरो लेल सम्बन्ध

    ओतबे महत्वपूर्ण

    ओतबे आवश्यक

    संवेदनाक रंग-रूप बरु होइक

    सभक भिन्न-भिन्न

    मुदा...

    ओकर अनुभूति

    ओकर टीस

    सभक एकहि रंगक ने

    किएक त'

    ओहि संवेदनाक स्रोत

    ओकर उद्गम

    सभक एकहि ने

    हृदय त' हृदय होइत छैक

    अहाँक होइक किंवा हमर

    अपन विचार

    कुविचारसँ

    बरु बना ली हम-अहाँ

    ओकरा पाथर आकि फूल

    मानल, बाँचल रहत

    अहाँक कवितामे

    सभटा संवेदना

    सभटा सम्बन्ध

    सभटा आदान-प्रदान

    समस्त पृथ्वी

    मुदा...

    आइओ

    हम कहाँ भेल छी

    सम्बन्धविहीन

    संवेदनहीन

    मारिते रास सम्बन्धक सुगन्धि

    पसरल अछि

    हमरा चारूकात

    हम बचाक' राखय चाहैत छी

    एहि सम्बन्धक फुलबारिकेँ

    अपना लेल

    आजुक लेल

    भविष्यक लेल त'

    सभटा संवेदना

    सभटा सम्बन्ध

    बचाक' रखबाक

    ब्योंत त' कइए रहल छी अहाँ

    अहाँक काज पैघ

    बेस महत्वपूर्ण

    हमर ताहिसँ कने कम

    ततबहि ने

    अहाँ रामसेतु बनाउ

    हम लुक्खी जकाँ

    छिड़ियाबैत भेटब—बालु

    ओहि सेतु पर कतहु

    विवश होयब अहाँ

    अपन आशीर्वाद सिनेह

    देबय लेल हमरा

    नहि बढ़ि सकब आगू

    अहाँ अबडेरिक' हमरा

    कहिओ

    कखनो

    कोनो समयमे

    कोनो जुगमे...!

    स्रोत :
    • पुस्तक : नो मेन्स लैण्ड पर ठाढ़ कवि (पृष्ठ 23)
    • रचनाकार : आनन्द मोहन झा
    • प्रकाशन : नवारम्भ, मधुबनी/पटना
    • संस्करण : 2024

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