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ने लुइज़ियाना में एक सदाबहार बलूत उगते देखा

ne luiziyana mein ek sadabahar balut ugte dekha

अनुवाद : शायक आलोक

वाल्ट ह्विटमैन

वाल्ट ह्विटमैन

ने लुइज़ियाना में एक सदाबहार बलूत उगते देखा

वाल्ट ह्विटमैन

और अधिकवाल्ट ह्विटमैन

    मैंने लुइज़ियाना में एक सदाबहार बलूत उगते देखा

    वह अकेला खड़ा था और उसकी शाखों से काई झूल रही थी

    बिना किसी सहचर के वह वहाँ उगा था गहरे हरे रंग की उल्लसित पत्तियाँ बिखेरता हुआ

     

    और उसका रूप—अक्खड़, अनम्य, जीवन-रस से पूर—मुझे अपनी ही याद दिला गया

    लेकिन मैं हैरान हुआ कि वह कैसे उल्लसित पत्तियाँ उगा सका किसी सहचर के बिना यूँ 
    अकेले, क्योंकि मैं जानता था कि मैं ऐसा हरगिज़ नहीं कर सकता था

    और मैंने उसकी एक टहनी तोड़ी कुछ पत्तियों के साथ और उसमें थोड़ी-सी काई लपेट दी

    और उसे साथ ले आया और रख दिया कमरे में नज़रों के सामने 

    ज़रूरी नहीं कि वह मुझे मेरे अज़ीज़ दोस्तों की याद दिलाए

    (क्योंकि मेरा ख़याल है इन दिनों मैं उनके सिवा कुछ सोचता ही नहीं)

    फिर भी यह मेरे लिए एक उत्सुक निशानी है, यह मुझे मर्दाना मुहब्बत का एहसास दिलाती है;

    इन सब बातों के बावजूद—और यह भी कि वह सदाबहार बलूत लुइज़ियाना के उस चौड़े,
    सपाट मैदान में अकेला चमकता है

    अपनी सारी उम्र उल्लसित पत्तियाँ बिखेरता है—बिना किसी सहचर के या प्रेमी के

    मैं जानता हूँ, यह जानता हूँ बख़ूबी—मैं कर नहीं सकूँगा ऐसा।

    ***

    स्रोत :
    • रचनाकार : वाल्ट ह्विटमैन
    • प्रकाशन : हिन्दवी के लिए अनुवादक द्वारा चयनित

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