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लंदन शहरक चौबट्टी पर

landan shahrak chaubatti par

सुमित मिश्र गुंजन

सुमित मिश्र गुंजन

लंदन शहरक चौबट्टी पर

सुमित मिश्र गुंजन

और अधिकसुमित मिश्र गुंजन

    लंदन शहर मे एकटा चौबट्टी पर ठाढ़

    रूइयाक फाहा जकाँ खसैत बरफ केँ निहारै छी

    उज्जर चद्दरि ओढ़िक'

    ओंघा रहल छै समूचा धरती

    एहन मौसम मे

    राति कतेक शांत

    कतेक गहींर होइत अछि

    अनमन ओकर आँखि सन

    जे अपन दुःखक उफनैत समुद्र केँ

    हमरा सँ नुका लेबाक लेल

    बिर्त रहैत अछि सदिखन

    एहिना

    अमेजन नदीक विषय मे सुनिक'

    छगुन्ता मे पड़ि गेल छल मोन

    हजारो नदी केँ समेटने

    चुपचाप करैत अछि यात्रा अटलांटिक दिस

    एकरे जकाँ कियो

    हमर सभटा आफति-बिपति केँ

    अपना मे समेटि लेब' चाहैत अछि

    हवाक सिहकी मात्र सँ

    लहकि उठै छै स्टेपी घासक विशाल मैदान

    ओहिना

    जेना कि, एकबैग छिलमिला उठैत अछि

    जखन, ओकर दियादिनी दै छै उपराग

    'तोहर घरबला त' विदेशमे मजूरी करै छौ।'

    सभटा बात

    हिलकोरि देलक अछि हमर स्मृति केँ

    नगदा पर हेलि रहलैए

    अंटार्कटिका महादेश जकाँ गंभीरता ओढ़ने

    हमर पत्नीक छवि

    पत्नी

    जे मिथिलाक मानचित्र पर भुतिआयल

    बढ़मोतर बाधक कोनो खेत मे

    किनसाइत

    एखन बथुआ उखाड़ि रहल होयत!

    स्रोत :
    • पुस्तक : पेटकुनियाँ लधने प्रश्न (पृष्ठ 25)
    • रचनाकार : सुमित मिश्र गुंजन
    • प्रकाशन : नवारम्भ, पटना/मधुबनी
    • संस्करण : 2024

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