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ख़बर ख़बर ही रहती है

khabar khabar hi rahti hai

अनुवाद : सुरेश सलिल

एलेन गिन्सबर्ग

एलेन गिन्सबर्ग

ख़बर ख़बर ही रहती है

एलेन गिन्सबर्ग

और अधिकएलेन गिन्सबर्ग

    डायना और रोज़र नेपोलियन की अचल संपत्ति का साम्राज्य

    नेपोलियन कैसल होटल के सायबान तक फैला था

    स्टेनलेस स्टील और सोने-ढले दरवाज़ों के हत्थे

    नहान टब और खिड़कियों के चौखट...

    लेकिन रोज़र आल्त्ज़हीमर रोग की चपेट में गया

    और अपने बहीखातों को दुरुस्त नहीं रख पाया

    डायना को पिछले टैक्सों और कार्डों की हेराफ़ेरी के ज़ुर्म में

    हवालात की हवा खानी पड़ी,

    लिहाज़ा वह अपने दुर्ग पर नियंत्रण खो बैठी,

    वकील उसका साम्राज्य हड़प गए

    वह बीमार पड़ गई और सालो-साल सिर्फ़ अपनी तंदुरुस्ती का

    ख़याल रखती रही—

    त्वचा-वृद्धि, यकृत-दौर्बल्य, जिगर रोग और पेट की गड़बड़ी,

    लेकिन उसके देह-दुर्ग की जकड़बंदी खुली तो खुली

    और वह अपने भीतर अपनी आत्मा के साथ अकेली रह गई।

    यह सब क्या है? इस सब का अंत कहाँ होगा? मैं कौन हूँ?

    सेंट हेलेना में, अपने अंतिम क्षणों में आँखें मूँदे लेटे

    नेपोलियन के होंठों पर यही आख़िरी शब्द थे।

    आख़िरी सवाल।

    स्रोत :
    • पुस्तक : रोशनी की खिड़कियाँ (पृष्ठ 364)
    • रचनाकार : एलेन गिन्सबर्ग
    • प्रकाशन : मेधा बुक्स
    • संस्करण : 2003

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