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के कठपुतरी, के ओस्ताज

ke kathaputri, ke ostaaj

अक्षय आनन्द ‘सन्नी’

अक्षय आनन्द ‘सन्नी’

के कठपुतरी, के ओस्ताज

अक्षय आनन्द ‘सन्नी’

और अधिकअक्षय आनन्द ‘सन्नी’

    दूटा लोक

    एकटा काठक

    एकटा हाड़-माउसक

    एकटाक जिनगी देखार

    दोसरा लेल अन्हारे संसार

    लिखल छैक दुनूक नियतिमे नाचब

    एकटा तागक इशारापर

    दोसर भाग्यक इशारापर

    करू अहीं फरिछौट

    के अछि कठपुतरी

    के ओस्ताज?

    स्रोत :
    • पुस्तक : औनाइत आखर (मैथिली कविता-संग्रह) (पृष्ठ 39)
    • रचनाकार : अक्षय आनन्द ‘सन्नी’
    • प्रकाशन : नवारम्भ, पटना/मधुबनी
    • संस्करण : 2020

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