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कविता

kavita

अनुवाद : रमेश कौशिक

ल्यूबोमीर लेवचेव

और अधिकल्यूबोमीर लेवचेव

    तुम तक पहुँचने के लिए

    प्रिय मित्र

    मैंने पार किए हैं विशाल अंतरिक्ष।

    जिसने नाम दिए हैं

    पहाड़ों, नदियों, पातालों और वस्तुओं के

    वह नहीं दे सका कोई नाम

    मेरे रास्तों को।

    इसलिए मेरे लिए मुश्किल है तुम्हें सब कुछ बताना

    (शब्द असमर्थ हैं

    उसके लिए

    जो तुमसे मुझे कहना है।)

    इसीलिए मैं कभी-कभी मौन रहता हूँ।

    मेरा रक्त-ग्रुप 'ओ' है

    किसी को भी दान कर सकता हूँ मैं

    लेकिन सबसे ले नहीं सकता।

    इसलिए मैं मौन हूँ।

    मुझे शीघ्र ही आनंद से भर देती है

    एक पारस्परिक मौन मुसकान।

    और तुम्हारी सहभागिता नीले आसमान में।

    स्रोत :
    • पुस्तक : बल्गारियाई कविताएँ (पृष्ठ 135)
    • संपादक : रमेश कौशिक
    • रचनाकार : ल्यूबोमीर लेवचेव
    • प्रकाशन : पराग प्रकाशन
    • संस्करण : 1985

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