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कहीं वएह तँ ने छी

kahin veh tan ne chhi

धूमकेतु

धूमकेतु

कहीं वएह तँ ने छी

धूमकेतु

और अधिकधूमकेतु

    गंडकीक तीरपर

    वा बागमतीक कछेरमे

    अधिक काल

    एकटा पीयर कपीस

    मानुषी छाह

    बाटे-घाटे अभरैत रहल अछि

    —'भाइ'

    आइयो

    हमरा होइत अछि

    कहीं वएह तँ ने छी

    संघर्षक एकपेरियापर

    तरुआरि नेने निरंतर

    बढ़ैत रहल जे

    कालक गरदा झाड़ैत रहल जे

    विद्रोहक मेघडम्मर नेने

    शांतिक छाहरि हेरि रहल जे

    बोहिया गेल कतहु

    जनारण्यक ठेहुड़ीमे

    कखनो अलगल देखि

    सुखैल पातक दोगमे बिरड़ो

    हमरा होइत अछि

    कहीं वएह तँ ने छी

    जे कतेको पाग बलाकेँ काछि

    धऽ आयल कथी दन तऽर

    जे भालाक नोंकसँ

    लिखि गेल कोसीक बालुपर

    अप्पन इतिहास

    जे भोगि गेल

    बरगाही भाइक देल उच्छन्नर

    मुदा किनको सँ भेलनि कि

    किदनि टेढ़ कएल

    कखनो निन्नमे

    पैरक धप्प सुनै छियै

    हमरा होइत अछि

    कहीं वएह तँ ने छी।

    स्रोत :
    • संपादक : बालमुकुन्द
    • रचनाकार : धूमकेतु
    • प्रकाशन : ई-मिथिला
    • संस्करण : 2018

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