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हमारे शहीद

hamare shahid

अनुवाद : सरिता शर्मा

एलिस वॉकर

एलिस वॉकर

हमारे शहीद

एलिस वॉकर

और अधिकएलिस वॉकर

    जब लोगों ने

    कोई जीत हासिल की है

    चाहे छोटी

    या बड़ी

    क्या तुम कभी सोचते हो

    उस समय

    शहीद

    कहाँ होंगे?

    वे जिन्होंने बलिदान दिया

    अपना

    किसी अज्ञात को

    जीवन में लाने के लिए

    जो फिर भी अधिक क़ीमती है

    उनके अपने ख़ून से।

    मुझे हमारे ऊपर मँडराते हुए

    उन लोगों के बारे में सोचना अच्छा लगता है

    चाहे वे जहाँ भी इकट्ठा हुए हों

    रोने और ख़ुश होने के लिए;

    मुस्कुराते हुए और हँसते हुए,

    वास्तव में उल्लास में

    ताली देते हुए।

    उनका ख़ून सूख गया है

    और गुलाब की पंखुड़ियाँ बन गया है।

    अपने गाल पर जो खरोंच महसूस करते हो

    वह सिर्फ़ तुम्हारे आँसू नहीं हैं

    बल्कि ये हैं।

    उन्होंने जो किया है

    उसके बाद

    शहीदों को कभी अफ़सोस नहीं होता।

    हैरानी की बात है

    वे कभी क्रोध नहीं करते हैं।

    कितना रहस्यमय है

    जिस तरह से वे रहते हैं

    हमारे ऊपर

    हमारे बग़ल में

    हमारे अंदर;

    वे कैसे चमकाते हैं

    मानव-सूर्योदय

    और हमें उन पर बहुत गर्व है।

    स्रोत :
    • पुस्तक : सदानीरा पत्रिका
    • संपादक : अविनाश मिश्र
    • रचनाकार : एलिस वॉकर

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