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एक औरत का चेहरा

ek aurat ka chehra

अनुवाद : सरिता शर्मा

अदूनिस

अदूनिस

एक औरत का चेहरा

अदूनिस

और अधिकअदूनिस

    मैं एक औरत के चेहरे में रहता हूँ

    जो एक लहर में रहता है

    जिसे उछाल दिया है ज्वार ने

    उस किनारे पर खो दिया है जिसने बंदरगाह

    अपनी सीपियों में।

    मैं उस औरत के चेहरे में रहता हूँ

    हत्यारी है जो मेरी,

    जो चाहती है होना

    एक जड़ आकाशदीप

    मेरे ख़ून में बहते हुए

    पागलपन के अंतिम छोर तक।

    स्रोत :
    • पुस्तक : विश्व की श्रेष्ठ कविताएँ (पृष्ठ 100)
    • रचनाकार : अदूनिस
    • प्रकाशन : इंडिया टेलिंग
    • संस्करण : 2020

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