भाषण

और अधिकरघुवीर सहाय

    राम ने कहा था

    राम ने कहा था

    राम ने कहा था

    श्रीराम ने कहा था कि मोहन एक अच्छा लड़का है

    वह रोज़ सवेरे उठता है पैदल पढ़ने जाता है विद्या से उसे बड़ा प्रेम है

    वह किसी की बात को नहीं मानता

    सोच-समझकर अपना काम करता है।

    श्रीमती गीताने का आज रात को ठीक समय पर आवागमन हुआ

    दिन के आने से अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है

    संसार में किसी ने ठीक ही कहा है कि यदि दुनिया में

    द्रोही आदमी हो

    तो आज के युग में कुछ हो सकता है

    यदि किसी आदमी को घोटकर पिलाया जाए कि ले भाई

    तू ठीक समय पर इसका उपयोग करना।

    हमारी फ़ैक्टरी में लोगों का आवागमन जारी रहने के कारण हमको

    महान हानि रहती है।

    सरकारी अकादमी के अनुसार कुछ लोगों ने आज बताया कि भावी

    जनता के कर्णधार को बताना होगा कि संसार का गोवा में दमन

    कैसे किया जाए

    जनता में आज का युग काव्य पर निर्भर है देश को बसाने के लिए

    सारी दुनिया का भार देश पर हो सकता है प्रधानमंत्री ने कहा है

    कि भारत सरकार का मत बहस के समय पेश हो सकता है

    सकता पड़ गया होने वाली जनसभा में छोटेलाल ने आज कहा

    कि प्रजासमाजवादी दल के नेताओं ने कहा

    कि महाकवि कालिदास ने कहा कि कुटुंब के जनों को बताना चाहिए

    कि लोक की रचना कब हुई

    अपना भाषण अंत में समाप्त करते हुए श्री त्यागी ने कहा बस भई बस।

    स्रोत :
    • पुस्तक : रघुवीर सहाय संचयिता (पृष्ठ 46)
    • संपादक : कृष्ण कुमार
    • रचनाकार : रघुवीर सहाय
    • प्रकाशन : राजकमल प्रकाशन
    • संस्करण : 2003

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