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बड़ा-बड़ा फेरा बा

baDa baDa phera ba

प्रकाश उदय

प्रकाश उदय

बड़ा-बड़ा फेरा बा

प्रकाश उदय

और अधिकप्रकाश उदय

    बड़ा-बड़ा फेरा बा

    भारी झमेला बा

    तिलक लेबे के मन नइखे समधी जी

    दहेज के पेंच लगावे के सरधा

    एकदम नइखे समधी जी

    बाकी हई—

    नाच बाजा ह, खजुली खाजा

    साज समैना ह, बीजे बैना

    गाँव जवार ह, गोतिया देयाद

    हीत हितारथ ह, सभके सवारथ

    हरिस कलसा ह, गउरी गनेसा

    पूजा पतरा ह, देवतन के असरा

    गहना गुरिया ह, पवनी पनहरिया

    सूट साड़ी ह, डोली गाड़ी

    कोंकड़वर बुकवा ह, बाभन नउआ

    बुनिया पूड़ी ह, खइनी बींड़ी

    सेनुर सिन्होरा ह, मउर मोन्हा

    अतने ले थोरे

    जोराई ना जोरले

    बियाह के बादो ले

    जरलका के जेठ, भरलका के भादो ले—

    बड़ा-बड़ा बीपत ह, नेवता बउरहँत

    फगुआ तीज ह, कतना दो चीझ

    मेमिन चमइन ह, छठी बरही

    बर बेरामी ह, तूल तलामी

    अब सुभ के मोका सवाँग

    लेबे के ना लेब

    पाँच गज मरकीन भा रंथी के नाँव

    अब जेकर बेटिए चलि जाई

    सेकर दुख कहले कहाई!

    बाकी...

    बाकी ना होई गउदान-सेजियादान

    दसवाँ-सराध

    रवे कहीं

    अपने छाती के हाथ

    कि होई बरदास?

    से अतने सकार लीं

    सभके निबाह लीं

    तबो जे माँगी हम कुछुओ

    दीं कागज

    मोंछ के ठेप्पा दे के लिख दीं

    कि कुत्ता करार दीं

    हा लीं

    चाह ठंढाता

    पीहीं...पीहीं ना,

    पीहीं!

    स्रोत :
    • पुस्तक : बेटी मरे त मरे कुँआर [भोजपुरी कविता-संग्रह] (पृष्ठ 1)
    • रचनाकार : प्रकाश उदय
    • प्रकाशन : कौशल्या प्रकाशन, आरा
    • संस्करण : 1988

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