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अविश्वासक धोधरिमे

avishvasak dhodharime

आनन्द मोहन झा

आनन्द मोहन झा

अविश्वासक धोधरिमे

आनन्द मोहन झा

और अधिकआनन्द मोहन झा

    बरु रही हम घरमे, बजारमे किंबा मन्दिरमे

    बाध-बोन, स्कूल-कॉलेज किंबा सर्वजनिक स्थानपर

    देखैत छी हम मरिते रास लोक सभकेँ

    बहुते गोटे सेहो देखैत रहैत छथि हमरा

    अपनापर पड़ैत ओहि नजरिकेँ

    चीन्हि जाइत रही हम नीक जकाँ पहिने

    ओहिमे रहैत रहैक घनेरो भाव

    जेना कि आदर-सिनेह, आपकता, ममता, सहयोग

    प्रेम, ईर्ष्या, भय सेहो

    मुदा रहल होइक कोनो भाव

    फरीच्छ त' रहैक

    अकानबामे कोनो भाँगट थोड़बे रहैक

    नजरिक यैह विश्वास

    हमर मनुक्ख होयबाक उपलब्धि छल

    हमर जीत सेहो छल

    मुदा आब!

    रातिमे करैत छी जखन हम फोन

    डॉ. इलियासकेँ कोनो बेगरते

    बना दैत छथि कोनो ने कोनो बहन्ना

    क' दैत छथि मनाही

    मुरेदना नासकार करैत अछि

    हमर खेल बँटैया करबामे

    पितियौत सभकेँ असोकर्य हुअ लगैत छनि

    बाबा-परबाबा सभक बँटवारा कयल

    जमीनक खतियान देखेबामे

    एहने सन बहुत रास बात सभ...

    सभ देखि

    लगैत अछि हमरा

    जे हेरा गेल हुए

    हमर पहिचान, हमर परिचिति, नजरिक भरोस

    हम बौक भेल

    देखि रहल छी

    मनुक्खक रूपमे

    अपन सभसँ पैघ पराजयक तमाशा

    कोनो अविश्वासक धोधरिमे बैसल!

    स्रोत :
    • पुस्तक : ई नहि थिक हमर प्रार्थना (पृष्ठ 49)
    • रचनाकार : आनन्द मोहन झा
    • प्रकाशन : नवारम्भ, मधुबनी/पटना
    • संस्करण : 2020

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