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अथबल ईश्वर

athbal iishvar

दीप नारायण

दीप नारायण

अथबल ईश्वर

दीप नारायण

और अधिकदीप नारायण

    ईश्वर!

    की चाही अहाँकेँ?

    फरिछा क' कहू

    की चाही अहाँकेँ?

    एकगोट निरीह प्राणीक रक्त

    पाखण्डक उद्योग चलबैत

    हाड़-मासुक देहकेँ नोचि-नोचि खाइत

    त्रिपुण्डधारीक आडम्बर युक्त पूजा पाठ

    सोना चानीक चढ़ौना कि रं...नाच।

    की चाही?

    जनेऊ धारीक चापलूसी

    आदमीसँ आदमीक छुआछूत

    भेदभाव, ऊँच-नीच, दुराचार

    फूल-पात गंगाजल पूरित

    ताम्र पात्रसँ स्नान

    धूप-दीप, नैवेद्य, दूध-घी संग

    चरणामृतक पान!

    ईश्वर!

    की चाही अहाँकेँ?

    अच्छा बुधनी!

    जे डेन पकड़ने अबोध नेनाकेँ

    दू क'र अन्न दूटा टकाक आसमे

    स्वयंकेँ परताड़ि सदिखन

    घरे-घर करैत छैक

    लोकक चूल्हि चौका, भाड़ा बर्तन

    ओहि बर्तनक चमकमे देखैत अछि

    नेनाक पढ़ेबाक सपना

    एहि सभसँ पहिने नीत्तह निपैछ

    मंदिरक कोना-कोना

    मोने-मोन करैत मिनती-निहोरा

    एहि भरोसमे किंवा एकदिन

    मेट लेबैक अहाँ सभटा लिखलाहा बिपति।

    आँखिमे हेलैत सपना, भाप जकाँ उड़ियाइत

    देखा रहल छैक अकासमे

    भरोसक सही अर्थ ठीक-ठीक

    भरोसे छैक एखन धरि शब्दकोशमे

    से केकरा साहस छैक

    जे बुझौतैक बुधनीकेँ जा क'।

    कोन अनर्गल काज केलकैक बुधनी?

    जे सुन्नहटि पाबि चाननधारी

    खींची लेलकैक डाँड़सँ नूआ...।

    मंदिरक कोनमे

    अधर्म पापक भालासँ बेधल

    श्रद्धासिक्त अबलाक लेहूक टघार

    माँटिकेँ सोंखैत अहाँ नहि देखलियैक?

    कतए गेल रही अहाँ?

    किएक ने बचौलियैक बुधनीक इज्जति

    किएक ने देलियैक सौसेँ गामक मुहमे झीक

    जखन बुधनीकेँ कहल गेलैक बदचलनि।

    किएक ने पकड़लियैक ओहि पाखण्डी

    बड़का पगड़ी बला इज्जतिदार

    त्रिपुण्डधारीक हाथ महक छौंकी

    जे मंदिरक मोख नाँघला उत्तर

    फोरि देलकैक सौसेँ देह दू दालि क' दोदरा

    ओहि अबोध नेनाकेँ अछूत कहि।

    बुद्धक एतेक दिनक बाद...

    प्रश्न फेरसँ ठाढ़ करब

    कि हएत उचित?

    ईश्वर!

    की अहाँ छी?

    जँ अहाँ छी!

    त' कतए गेल रही अहाँ?

    साँच-साँच कहू

    किएक ने ठाढ़ भेलियैक

    अत्यचारक खेलाप

    अथबल ईश्वर।

    स्रोत :
    • पुस्तक : आब कतेक चुप रहू (मैथिली कविता-संग्रह) (पृष्ठ 104)
    • रचनाकार : दीप नारायण
    • प्रकाशन : राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली
    • संस्करण : 2021

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