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हम समय से पूछते हैं ज़िंदगी में

hum samay se puchhte hain zindagi mein

अमन अक्षर

अमन अक्षर

हम समय से पूछते हैं ज़िंदगी में

अमन अक्षर

और अधिकअमन अक्षर

    हम समय से पूछते हैं ज़िंदगी में

    जीना मरना प्यार से

    कितना अलग है?

    आत्मा का यक्ष अक्सर पूछता है—

    ये बदन किस द्वार जाकर छूटता है

    हम यही कहते हैं—ऐसे प्यार में

    छूटने से पहले सब कुछ टूटता है

    वो हठीला यक्ष है, फिर पूछता है—

    मोह मृत्यु द्वार से

    कितना अलग है?

    याद ने जलयान आँखों में उतारे

    रोशनी ने आँसुओं के घर सँवारे

    सिसकियों ने आह को एक स्वर दिया फिर

    गीत से जुड़कर हुए सब और प्यारे

    सूखते कंठों ने पूछा—गीत गाना

    रूप के शृंगार से

    कितना अलग है?

    स्रोत :
    • पुस्तक : एक लड़की (पृष्ठ 83)
    • रचनाकार : अमन अक्षर
    • प्रकाशन : हिन्द युग्म
    • संस्करण : 2024

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