सरस बसन्त रिझाबऽ लगलै
कोकिल गीत सुनाबऽ लगलै
दूर बसै छल जे परदेसी
मस्त बनल घर आबऽ लगलै
बचलि कोना ओ करैत प्रतीक्षा
प्रियतमके समझाबऽ लगलै
कते विरहिणी आतुर भऽ कऽ
दिनकेँ राति बनाबऽ लगलै
रस-परागसँ भरल फूल सभ
भ्रमरक मन ललचाबऽ लगलै
प्रीति पाबि अपनेकेर बाबा
गीत उमंगक गाबऽ लगलै
- पुस्तक : पहरा इमानपर (मैथिली गजल-संग्रह) (पृष्ठ 26)
- रचनाकार : बाबा बैधनाथ
- प्रकाशन : गौरी प्रकाशन, कचहरी बलुआ, पूर्णिया
- संस्करण : 1989
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