झपटैछ पात कुक्कुर, कुक्कुरसँ आदमी
jhaptaichh paat kukkur, kukkurasan adami
कलानन्द भट्ट
Kalanand Bhatt
झपटैछ पात कुक्कुर, कुक्कुरसँ आदमी
jhaptaichh paat kukkur, kukkurasan adami
Kalanand Bhatt
कलानन्द भट्ट
और अधिककलानन्द भट्ट
झपटैछ पात कुक्कुर, कुक्कुरसँ आदमी
झगड़ै अछि पेट लेल कुक्कुरसँ आदमी।
धरतीपर भूख आइ सड़क जकाँ नमरल
बनल बाज अँइठ लूझै कुक्कुरसँ आदमी।
छीना-झपटीक कम अधिकारक रूप घएल
शोणित-शोणितामय भेल कुक्कुरसँ आदमी।
कर्म आ कुकर्मोक बन्हन छल टूटि गेल
जे ने करय भूख, पतित कुक्कुरसँ आदमी।
- पुस्तक : कान्ह पर लहास हमर [मैथिली गजल संग्रह] (पृष्ठ 23)
- रचनाकार : कलानन्द भट्ट
- प्रकाशन : किसुन संकल्प लोक, सुपौल
- संस्करण : 1983
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