Font by Mehr Nastaliq Web

बन्धुवर कोन बाट दुनियाँ जा

bandhuvar kon baat duniyan ja

बाबा बैधनाथ

बाबा बैधनाथ

बन्धुवर कोन बाट दुनियाँ जा

बाबा बैधनाथ

और अधिकबाबा बैधनाथ

    बन्धुवर कोन बाट दुनियाँ जा रहल छै

    सत्य कानय, झूठ कीर्तन गा रहल छै

    चार दिस अपकर्मकेर साम्राज्य छै

    जे करैछ सत्कर्म सभ दुःख पा रहल छै

    जे खटैत अछि से मरैछ भूखल एतऽ

    पाखंडी दुष्ट बैसल खा रहल छै

    जे बहुत धर्मी कहय से सभ चोर छै

    जे करय पड़यन्त्र सभसँ छा रहल छै

    जे खुनीलक ओतेक पोखरि इनार

    से पियासल रातिदिन मुँह बा रहल छै

    थिकै प्रगति चारि दिनकेर बासिन

    फेर बाबा मास गर्मीक रहल छै

    स्रोत :
    • पुस्तक : पहरा इमानपर (मैथिली गजल-संग्रह) (पृष्ठ 8)
    • रचनाकार : बाबा बैधनाथ
    • प्रकाशन : गौरी प्रकाशन, कचहरी बलुआ, पूर्णिया
    • संस्करण : 1989

    Additional information available

    Click on the INTERESTING button to view additional information associated with this sher.

    OKAY

    About this sher

    Close

    rare Unpublished content

    This ghazal contains ashaar not published in the public domain. These are marked by a red line on the left.

    OKAY