Font by Mehr Nastaliq Web

सभका के देलऽ रामजी अनधन सोनवा

sabhka ke delऽ ramji andhan sonva

महेन्द्र मिसिर

महेन्द्र मिसिर

सभका के देलऽ रामजी अनधन सोनवा

महेन्द्र मिसिर

और अधिकमहेन्द्र मिसिर

    (बेमेल विवाह)

    सभका के देलऽ रामजी अनधन सोनवा

    बनवारी हो, हमरा के लरिका भतार।

    लरिका भतार लेके सुतलीं अँगनवा,

    बनवारी हो, रहरी में बोलेला सियार।

    सियरा के बोली सुनि जागेला बलमुआँ,

    बनवारी हो, रोइ-रोइ करेला हँकार।

    चुप होखु चुप होखु, नन्हका बलमुआँ,

    बनवारी हो, तोहे देबो मोतियन के हार।

    खोले के चोली बंद, खोलेला केवाँड़ी,

    बनवारी हो, जरि गइले एड़ी से कपार!

    कहत महेन्दर, हम पुरुब में चुकलीं,

    बनवारी हो, इहे विधि लिखले लिलार।

    स्रोत :
    • पुस्तक : महेन्द्र मिसिर के चुनिंदा भोजपुरी गीत (पृष्ठ 76)
    • संपादक : भगवती प्रसाद द्विवेदी
    • रचनाकार : महेन्द्र मिसिर
    • प्रकाशन : सर्व भाषा ट्रस्ट, नई दिल्ली
    • संस्करण : 2021

    Additional information available

    Click on the INTERESTING button to view additional information associated with this sher.

    OKAY

    About this sher

    Close

    rare Unpublished content

    This ghazal contains ashaar not published in the public domain. These are marked by a red line on the left.

    OKAY