पिया मोरा गइले रामा पूरबी बनिजिया
piya mora gaile rama purabi banijiya
महेन्द्र मिसिर
Mahendra Misir
पिया मोरा गइले रामा पूरबी बनिजिया
piya mora gaile rama purabi banijiya
Mahendra Misir
महेन्द्र मिसिर
और अधिकमहेन्द्र मिसिर
(पूरबी)
पिया मोरा गइले रामा पूरबी बनिजिया
से देके गइले ना,
एगो सुगना खेलवना
से देके गइले ना।
उड़त-उड़त सुगना गइले कलकतवा
से जाके बइठे ना,
ओही सामीजी के पगिया
से जाके बइठे ना।
पगड़ी उतारि सामी जाँघे बइठवले
से कहऽ सुगना ना,
मोरा धनी के कुसलिया
से कहऽ सुगना ना!
माई कइली कूटनी, बहिनिया कइली पीसनी
से जइया कइली ना,
तोहरो दउरी-दोकनिया
से जइया कइली ना।
कहत महेन्दर, सुनि सुगना के बतिया
पिया सुसुके लगले ना,
सुनिके धनिया के हलिया
पिया सुसुके लगले ना।
- पुस्तक : महेन्द्र मिसिर के चुनिंदा भोजपुरी गीत (पृष्ठ 27)
- संपादक : भगवती प्रसाद द्विवेदी
- रचनाकार : महेन्द्र मिसिर
- प्रकाशन : सर्व भाषा ट्रस्ट, नई दिल्ली
- संस्करण : 2021
Additional information available
Click on the INTERESTING button to view additional information associated with this sher.
About this sher
rare Unpublished content
This ghazal contains ashaar not published in the public domain. These are marked by a red line on the left.