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पंचन के प्रपंच में

panchan ke prpanch mein

ब्रजभूषण मिश्र

ब्रजभूषण मिश्र

पंचन के प्रपंच में

ब्रजभूषण मिश्र

और अधिकब्रजभूषण मिश्र

    पंचन के प्रपंच में

    एक अउर दिन बीत गइल,

    भाषण-भूषण-लंच में

    एक अउर दिन बीत गइल।

    राजनीति के वेश्या देखीं,

    लंगटे नाचत बाटे,

    जनता खातिर लोकतंत्र में

    परचा बाँटत बाटे;

    अखबारन के अंक में,

    एक अउर दिन बीत गइल।

    बंद-जुलुस-घेराव में देखीं

    लोकतंत्र घेराइल बा,

    रोज-रोज के धंधा बाटे

    आदमी धंगाइल बा;

    जाति-धरम के डंक में,

    एक अउर दिन बीत गइल।

    स्रोत :
    • पुस्तक : खरकत जमीन बजरत आसमान (पृष्ठ 98)
    • रचनाकार : ब्रजभूषण मिश्र
    • प्रकाशन : वनांचल प्रकाशन, तेनुघाट (बोकारो)
    • संस्करण : 2015

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