केकरा से करीं अरजिया हो, सगरे बंटमार
kekra se karin arajiya ho, sagre bantmar
विजेन्द्र अनिल
Vijendra Anil
केकरा से करीं अरजिया हो, सगरे बंटमार
kekra se karin arajiya ho, sagre bantmar
Vijendra Anil
विजेन्द्र अनिल
और अधिकविजेन्द्र अनिल
केकरा से करीं अरजिया हो, सगरे बंटमार।
राजा के देखनीं, सिपहिया के देखनीं
नेता के देखनीं, उपहिया के देखनीं
पइसा प सभकर मरजिया हो, सगरे बंटमार।
देखनीं कलट्टर के, जजो के देखनीं
राजो के देखनीं आ लाजो के देखनीं
कमवा बा सभकर फरजिया हो, सगरे बंटमार।
देस भइल बोफोर्स के तोप नियन सउदा
लोकतंत्र नाद भइल संविधान हउदा
कइसे भराई करजिया हो, सगरे बंटमार।
छप्पन गो छूरी से गरदन रेताइल
सांपन के दूध आउर लावा दिआइल
गाईं जा नयका तरजिया हो, सगरे बंटमार।
केकरा से करीं अरजिया हो, सगरे बंटमार।
- पुस्तक : विजेन्द्र अनिल के गीत (पृष्ठ 18)
- रचनाकार : विजेन्द्र अनिल
- प्रकाशन : संरचना प्रकाशन, आरा
- संस्करण : 1993
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