कइसे के आईं स्याम तोहरी सेजरिया
kaise ke ain syaam tohri sejariya
(पूरबी)
कइसे के आईं स्याम तोहरी सेजरिया
से डरवा लागे ना,
हमरो धड़केला करेजवा
से डरवा लागे ना।
कल ना परेला सखी, निंनिया हेरइली
रइनिया भूलल ना,
मोरा सोरहो सिंगारवा
से रइनिया भूलल बा।
एहि रे इरिखवे जमुना डूबि-धँसि जइबों
महुरवा खइबों ना,
तेजब आपन परानवाँ
से महुरवा खइबों ना।
बजर गिरल अइसन रतिया पिरितिया
परदेसी भइले ना,
सून भइले मोर भवनवाँ
से परदेसी भइले ना।
कहत महेन्दर, स्याम माने ना कहनवाँ
से कइसे अइहें ना,
मोरा माँग के सेनुरवा राम
से कइसे अइहें ना।
- पुस्तक : महेन्द्र मिसिर के चुनिंदा भोजपुरी गीत (पृष्ठ 49)
- संपादक : भगवती प्रसाद द्विवेदी
- रचनाकार : महेन्द्र मिसिर
- प्रकाशन : सर्व भाषा ट्रस्ट, नई दिल्ली
- संस्करण : 2021
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