जुग जुग जीया हो जवान भोजपुरिया
jug jug jiya ho javan bhojapuriya
रामजियावान दास ‘बावला’
Ramjiyaavan Das ‘Bawla’
जुग जुग जीया हो जवान भोजपुरिया
jug jug jiya ho javan bhojapuriya
Ramjiyaavan Das ‘Bawla’
रामजियावान दास ‘बावला’
और अधिकरामजियावान दास ‘बावला’
मथवा पगरिया बा हथवा लउरिया।
जुग जुग जीया हो जवान भोजपुरिया॥
बरछा के नोक जइसे चोख चोख मोछिया।
गरवा में नवले बाय ललकी अँगोछिया।
माँजै गरदन में अखढ़वा कै धूरिया।
जुग जुग जीया हो जवान भोजपुरिया॥
कछले बा कछनी ठेहुनवा ले धोतिया।
बतिया पै जरै मरै छोड़ै नाहीं बतिया।
पग पग नापि देला दुनियाँ के दूरिया।
जुग जुग जीया हो जवान भोजपुरिया॥
पर धन माटी लेखे पर तिय माई।
खोजले से कहीं केहू जोड़ का लगाई।
नाहीं राखे पेट में कपट वाली छुरिया।
जुग जुग जीया हो जवान भोजपुरिया॥
बड़ी बड़ी अँखिया धनुहिया क भवहीं।
लीकिया से बावला न दहिने न बँवहीं।
विरहा क तान भरे कान में अंगुरिया।
जुग जुग जीया हो जवान भोजपुरिया॥
- पुस्तक : गीतलोक (पृष्ठ 114)
- रचनाकार : रामजियावान दास ‘बावला’
- प्रकाशन : सेवक प्रकाशन, वाराणसी
- संस्करण : 1997
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