जेठ-बइसाखवा के तलफी भुभुरिया
jeth baisakhva ke talphi bhubhuriya
(निर्गुण)
जेठ-बइसाखवा के तलफी भुभुरिया
ए ननदिया मोरी रे,
चलत में पउआँ पिराय, ए ननदिया मोरी रे!
अपने ना अइलन पिया, भेजे ना सनेसवा
ए ननदिया मोरी रे,
भेजि दिहले डोलिया-कँहार, ए ननदिया मोरी रे!
सँग के सहेली सम छोड़ के परइली
ए ननदिया मोरी रे,
डोलिया चढ़त डरवा होय, ए ननदिया मोरी रे!
टोला-पड़ोसिन मिलि डोलिया चढ़वली
ए ननदिया मोरी रे,
डालि दिहली सबुज ओहार, ए ननदिया मोरी रे!
कहत महेन्दर, मोरा पिया निरमोहिया
ए ननदिया मोरी रे,
छूटल जाला बाबा के दुआर, ए ननदिया मोरी रे!
- पुस्तक : महेन्द्र मिसिर के चुनिंदा भोजपुरी गीत (पृष्ठ 36)
- संपादक : भगवती प्रसाद द्विवेदी
- रचनाकार : महेन्द्र मिसिर
- प्रकाशन : सर्व भाषा ट्रस्ट, नई दिल्ली
- संस्करण : 2021
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