जहिया से पिया मोरा तेजले भवनवाँ
jahiya se piya mora tejle bhavanvan
(पूरबी)
जहिया से पिया मोरा तेजले भवनवाँ
से सपनवाँ भइले ना,
रस भरल बचनवाँ से सपनवाँ भइले ना।
एक मन करे राम साथे लागि जइतीं
से दोसर मनवाँ ना,
पियऊ देते दरसनवाँ से दोसर मनवाँ ना।
बिरहा के अगिया में भइलीं बिरहिनियाँ
से भवनवाँ लागे ना,
जइसे जरत अँगनवाँ हो भवनवाँ लागे ना।
अब ना रहब राजा तोहरी महलिया
हो ननदिया बोलिया ना,
महेन्द्र सालेला बदनवाँ हो ननदिया बोलिया ना।
- पुस्तक : महेन्द्र मिसिर के चुनिंदा भोजपुरी गीत (पृष्ठ 122)
- संपादक : भगवती प्रसाद द्विवेदी
- रचनाकार : महेन्द्र मिसिर
- प्रकाशन : सर्व भाषा ट्रस्ट, नई दिल्ली
- संस्करण : 2021
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