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हम ऐसे अनुरागी जो दुनिया को ये बतलाते हैं

hum aise anuragi jo duniya ko ye batlate hain

अमन अक्षर

अमन अक्षर

हम ऐसे अनुरागी जो दुनिया को ये बतलाते हैं

अमन अक्षर

और अधिकअमन अक्षर

    हम ऐसे अनुरागी जो दुनिया को ये बतलाते हैं

    सब कुछ छोड़ा जा सकता है प्यार अगर मिल जाए तो

    हमने घर छोड़ा सो हमको इसकी क़ीमत भरनी थी

    पल दो पल का सुख पाने को लाखों जंगें लड़नी थीं

    हम प्रेमी थे इस दुनिया को इस कारण भी चुभते थे

    हमको मुरझाई दुनिया फूलों के लायक़ करनी थी

    तुमने भी ये दुख भोगा फिर हमने बस इतना चाहा

    कितना अच्छा हो दुख को विस्तार अगर मिल जाए तो

    हम गुमनाम होते जो इस माया को तोड़ा होता

    प्यार में पड़ने से पहले ही गर सबको छोड़ा होता

    तुम कहते थे हम प्रेमी ही ये संसार सजाते हैं

    यूँ होता तो जग का चेहरा एक प्रेमी जोड़ा होता

    कितने ही पंछी हैं जिनके उड़ने को नभ छोटा है

    ऐसों को नभ के आगे का द्वार अगर मिल जाए तो

    सब आँखें काजल भरती थीं हम आँखों में जल भरते

    इससे ज़्यादा क्या हम भी फिर लोगों से विनती करते

    ये भी क्या मालूम था दुनिया से ऐसे लड़ जाएँगे

    हम तो सपनों में भी तुमको छूते थे डरते-डरते

    अब जाकर जाना मन ही एक घाव है जो रिसता था

    अब सोचो मन का कोई उपचार अगर मिल जाए तो

    क्या दीवानेपन में दोनों को ऐसा कर जाना था

    यूँ बदनाम भटकने से तो अपने ही घर जाना था

    हम तो सब खोने के डर से ही जैसे मर जाते थे

    अब लगता है हम जैसों को सच में ही मर जाना था

    जितना हमने सोच रखा था उससे काफ़ी बेहतर है

    लेकिन जो चाहा वो जीवन एक बार अगर मिल जाए तो

    स्रोत :
    • पुस्तक : एक लड़की (पृष्ठ 68)
    • रचनाकार : अमन अक्षर
    • प्रकाशन : हिन्द युग्म
    • संस्करण : 2024

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