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झझरी पलनिया...

jhajhri palaniya. . .

मूंगालाल शास्त्री

मूंगालाल शास्त्री

झझरी पलनिया...

मूंगालाल शास्त्री

और अधिकमूंगालाल शास्त्री

    झंझरी पलनिया में सुसुकेली जनिया हो

    बदनिया भींजे ना, आधि राति बरखे बुनिया हो॥

    बदनिया भींजे ना...

    जुगुती जतनिया आड़ सुपवा चलनिया हो

    छोलनिया छइंटी ना, लुकवली दियवा चुहनिया हो॥

    छोलनिया छइंटी ना...

    घाटा में चन्दनिया करे आँख मिचवनिया हो

    चुहनिया दियवा ना, तेल बाती बिन कंपनिया हो।

    चुहनिया दियवा ना...

    भुईंयाँ गोरथनिया बीचे टूटल चुटुकुनिया हो

    सिढ़निया धइली ना, बाँह मोरि के केहुनिया हो

    सिढ़निया धइली ना॥

    अंचरा बिछवनिया कर सुतवली लाल जतनिया हो

    ओढ़निया डलली ना, भींजल पलक से पपनिया हो

    ओढ़निया डलली ना॥

    देखि बबुआ बबुनिया लोर ढरके केहुनिया हो

    बैरिनिया भइली ना, उनका अंखिया के निनिया हो

    बैरिनिया भइली ना॥

    ***

    छोटका छरिअनिया बसिया मांगी जब बिहनिया हो

    लोढ़निया काटी ना, घर में रोटी ना तियनिया हो

    लोढ़निया काटी ना॥

    मरती बढ़निया बेटी पवली का जवनिया हो

    बदनिया तोपेला, लाजे काठ होई विरनिया हो

    बदनिया तोपे ला।

    छारी मलकिनिया वाली भइली सत पेवनिया हो

    कटनिया करते ना, लाजे लागिले चोरिनिया हो

    कटनिया करते ना॥

    कर के कमिनिया रोजी रोज के भोजनिया हो

    रोगिनिया भइला पर, दावा-बीरू बिन मरनिया हो

    रोगिनिया भइला पर॥

    जिनिगी जिअनिया जेकर हर-फार सोहनिया हो

    बथनिया बन्हले ना, बकरी चरत मोर बन्धनिया हो

    बथनिया बन्हले ना॥

    पठरू पलनिया बकरी मालिक का बथनिया हो

    चरनिया धई-धई ना, राजा करत मनवनिया हो

    चरनिया धई-धई ना॥

    लिखत विधनिया विधना कइले मनमनिया हो

    जोतनिया करते ना, मरल-हरल पुसतनिया हो

    कोरनिया करते ना॥

    जनम जवनिया दुख दुखे में मरनिया हो

    लिखनिया धइले ना, मूंगालाल बुद्धि बचकनिया हो

    लिखनिया धइले ना॥

    स्रोत :
    • पुस्तक : भिनुसार हो गइल (पृष्ठ 24)
    • रचनाकार : मूंगालाल शास्त्री
    • प्रकाशन : भोजपुरी भारती, सारण
    • संस्करण : 2016

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