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बदरा ले जा सनेस

badra le ja sanes

भोलानाथ गहमरी

भोलानाथ गहमरी

बदरा ले जा सनेस

भोलानाथ गहमरी

और अधिकभोलानाथ गहमरी

    बदरा एतनी कहल मोरा करिहऽ।

    बदरा…

    जबने हि देसवा पिया मोरा होइहें,

    रिम झिमि जाइ बरसिहऽ।

    बदरा…

    बीते असाढ़ सावन घर आवे,

    बैरिन बुनियाँ हो बिरहा जगावे,

    हमरी याद दिअइहऽ।

    बदरा…

    कठिन कठोर निरमोहिया जियरा,

    सुधिया जो आवे मोरा भीजि उठे कजरा,

    मोतियन नीर देखइहऽ।

    बदरा…

    अन जल अउरी सिंगार भइलें सपना

    सरकि उठल मोरा हाथे कंगना,

    सगरी बात बतइहऽ।

    बदरा…

    केतना कहीं तोसे चतुर सयाने,

    मानें मानें पिया जो मानें,

    त, गरजि बरसि समुझइहऽ।

    बदरा…

    स्रोत :
    • पुस्तक : बयार पुरवइया (पृष्ठ 29)
    • रचनाकार : भोलानाथ गहमरी
    • प्रकाशन : भारतीय प्रकाशन, इलाहाबाद
    • संस्करण : 1964

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