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अँगुरी में डँसले बिया नगिनिया रे

anguri mein Dansale biya naginiya re

महेन्द्र मिसिर

महेन्द्र मिसिर

अँगुरी में डँसले बिया नगिनिया रे

महेन्द्र मिसिर

और अधिकमहेन्द्र मिसिर

    (पूरबी)

    अँगुरी में डँसले बिया नगिनिया रे

    ननदी, दियरा जरा दे।

    दियरा जरा दे, अपना भइया के जगा दे

    नसे-नसे उठेला लहरिया रे

    ननदी, दियरा जरा दे।

    एक मुएनीं हम अपना दरद से

    दोसरे रतिया अन्हरिया रे

    ननदी, दियरा जरा दे।

    पटना सहरिया से वैदा बोला दे

    पोरे-पोरे उठेला दरदिया रे

    ननदी, दियरा जरा दे।

    कहत महेन्दर, ननदी, बैदा बोला दे

    उनहीं से उतरी लहरिया रे

    ननदी, दियरा जरा दे।

    स्रोत :
    • पुस्तक : महेन्द्र मिसिर के चुनिंदा भोजपुरी गीत (पृष्ठ 25)
    • संपादक : भगवती प्रसाद द्विवेदी
    • रचनाकार : महेन्द्र मिसिर
    • प्रकाशन : सर्व भाषा ट्रस्ट, नई दिल्ली
    • संस्करण : 2021

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