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अक्कड़-बक्कड़ बम्बू बोल

akkaD bakkaD bambu bol

विजेन्द्र अनिल

विजेन्द्र अनिल

अक्कड़-बक्कड़ बम्बू बोल

विजेन्द्र अनिल

और अधिकविजेन्द्र अनिल

    अक्कड़-बक्कड़ बम्बू बोल

    खूँटी गाड़ल तम्बू गोल।

    धरती-सूरज चंदा गोल,

    मुजरिम हाजिर, फंदा गोल।

    आसन-डासन-बासन गोल

    भासन चालू, रासन गोल।

    लाल-पियर के अंतर गोल,

    मंतर चमकल, जंतर गोल।

    संविधान सासन गोल

    चीनी, तेल, किरासन गोल।

    दिल्ली, बम्बे पटना गोल

    अखबारन से घटना गोल।

    बैंक चलत बा, लॉकर गोल

    बुढ़वा-बरगद, पाकड़ गोल।

    कोर्ट कचहरी थाना गोल

    बाजा बाजत, गाना गोल।

    खैर-सुपारी जर्दा गोल

    औरत के बा पर्दा गोल।

    विजयी विश्व विजेता गोल

    कुर्सी बइठल, नेता गोल।

    सगरे बूढ़, जवानी गोल

    सोना गायब, चानी गोल।

    थाना ठाढ़, चोर बा गोल

    सगरे रात, भोर बा गोल।

    मंदिर मस्जिद गिरजा गोल

    सगरे राजा, परजा गोल।

    कविता गइल, कहानी गोल

    रानी रोवसु, पानी गोल।

    हर किताब के पन्ना गोल

    ताड़ी में तड़बन्ना गोल।

    वामपंथ के चाभी गोल

    लोकतंत्र के नाभी गोल।

    कतना कहीं दिमागे गोल

    पाछा ताकीं, आगे गोल।

    बोल मदारी, बोली बोल

    नेता हाजिर, टोली गोल।

    स्रोत :
    • पुस्तक : विजेन्द्र अनिल के गीत (पृष्ठ 23)
    • रचनाकार : विजेन्द्र अनिल
    • प्रकाशन : संरचना प्रकाशन, आरा
    • संस्करण : 1993

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