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अइसन लागल चोट

aisan lagal chot

ब्रजभूषण मिश्र

ब्रजभूषण मिश्र

अइसन लागल चोट

ब्रजभूषण मिश्र

और अधिकब्रजभूषण मिश्र

    चनक गइल मन के ऐनक बा

    अइसन लागल चोट,

    भितरे-भीतर होखे लागल

    अणुवन में विस्फोट।

    खून-रेप-चोरी-बटमारी

    सरहद-सीमा से गद्दारी,

    फटल आँख सब देख रहल बा

    बाकिर सीअल ओठ।

    बड़ी-बताशा-मूढ़ी-लाई

    कइसे के कुछ कीनल जाई,

    तड़क-भड़क के एह बजार में

    हम अनचलुआ नोट।

    राजनीति के बाटे छल-बल

    जात-पात के बाटे दल दल,

    अउर चुनाव के महासमर में,

    हम खरीदल वोट।

    स्रोत :
    • पुस्तक : खरकत जमीन बजरत आसमान (पृष्ठ 97)
    • रचनाकार : ब्रजभूषण मिश्र
    • प्रकाशन : वनांचल प्रकाशन, तेनुघाट (बोकारो)
    • संस्करण : 2015

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