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माघ मनोहर रामा नेह लागल

maagh manohar rama neh lagal

अज्ञात

अज्ञात

माघ मनोहर रामा नेह लागल

अज्ञात

और अधिकअज्ञात

    (बारहमासा)

    माघ मनोहर रामा नेह लागल पिया चलल परदेस यो

    हुनि परदेसिया रामा ओतहि गमाओल हम बारि परल अकेली यो

    फागुन हे सखि आम मँजरि गेल कोयली कुहुकै आम डारि यो

    चैत हे सखि फुलल बेली भमरा लेल निज वास यो

    तजि मोहन गेल दूर मधुपुर हमर कोन अपराध यो

    बैसाख हे सखि उषम ज्वाला पिया रोपल चानन गाछ यो

    ओहि तर आहो रामा पलंग ओछाओल बिनु पिया पलंगो भावै यो

    जेठ हे सखि हेठ बरषा दादुल शब्द सुनाबै यो

    असाढ़ हे सखि बुन्द-बुन्द भारी दादुल शब्द सुनाबै यो

    दादुल के संग रामा चाहलौं कुहुकै बिनु पिया मनहु ने भावै यो

    सावन हे सखि बिजुली छिटकय हृदय कड़कै मोर यो

    भादव हे सखि राति अन्हारि कोना खेपब दिन-राति यो

    आसिन हे सखि आस लागल आसो पूरल हमार यो

    कातिक हे सखि पर्ब लगे छै सब सखि गंगा स्नान यो

    अगहन हे सखि सारि लबिये गेल लबि गेल यौबन मोर यो

    पूस हे सखि जाड़ कातर बिनु पिया जाड़ो ने जाय यो

    स्रोत :
    • पुस्तक : मैथिली लोकगीत (पृष्ठ 367)
    • संपादक : अणिमा सिंह
    • प्रकाशन : साहित्य अकादमी, नई दिल्ली
    • संस्करण : 1993

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