कब होइतै पिया से मिलनमा हो रामा
kab hoitai piya se milanma ho rama
(चैतावर)
कब होइतै पिया से मिलनमा हो रामा फड़कै जोबनमा
फर-फर फड़कै बाला जोबनमा अरु मोरा बाला नयनमा हो रामा
जब से गेला मोर सुधियो न लेला न भेजला करके कगनमा हो रामा
पतिया हजार पठौलों बलम के नहिए पौलौं हमरो भवनमा हो रामा
सोचैत सोचैत रैन बिताबौं भऽ गेल बदन मलिनमा हो रामा
मोतीचंद कहय पिया आवथि नहि भऽ गेल कोन कारनमा हो रामा
- पुस्तक : मैथिली लोकगीत (पृष्ठ 350)
- संपादक : अणिमा सिंह
- प्रकाशन : साहित्य अकादमी, नई दिल्ली
- संस्करण : 1993
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