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चैत अयोध्यामे जनमल राम

chait ayodhyame janmal raam

अज्ञात

अज्ञात

चैत अयोध्यामे जनमल राम

अज्ञात

और अधिकअज्ञात

    (बारहमासा)

    चैत अयोध्यामे जनमल राम

    चानन से निपवाओल धाम

    गजमोती आनलनि चौक पुराय

    सोना के कलस देलन्हि धरबाय

    आयल हे सखि बैसाख मास

    पवन बहै जेना अगिन समान

    जैसो जल बिनु तलफत मीन

    गति मेरो कैकयी कीन

    जेठ मास कवि विषम घाम

    रामचन्द्र पद कयल विराम

    असाढ़ मास घन गरजय घोर

    उड़त पपीहा कुहुकत मोर

    बिलखे कौसल्या अवधपुर धाम

    भीजल हैता सिया लछुमन राम

    सावोन केसरी सावोन नीर

    कोना कौसिल्या धरती धीर

    भादव गरजत मेघ अपार

    घर आयल दुनिया संसार

    बड़ बड़ बून्द बरसि गेल नीर

    हमर राम हैता सागर तीर

    झमकि झरी झर लागल अकास

    आयल हे सखि आसिन मास

    पड़ै कलेजा जम के फाँस

    घरघर मानिक बाँटत नारी

    हमर अयोध्या भेल अन्हारी

    दुख दए विधि देलन्हि तरास

    आयल हे सखि कातिक मास

    हमर अयोध्या रहितथि राम

    रतन लुटैतौं आठो याम

    आयल हे सखि अगहन मास

    हमर जिया भेल अधिक उदास

    पूसहि बरिसय अधिक तुषार

    रैन भेल खाँड़ा केर धार

    कुसक पत्र पर लोटत राम

    कोना करत बन बिसराम

    माघ मास रितु आयल बसन्त

    कोना जिय हम बिनु भगवन्त

    सुन्दर हे सखि फागुन आय

    फगुवा खेलै ले जी ललचाय

    कोना भरत जी छोड़थि अबीर

    के खेलत रंग बिन रघुबीर

    स्रोत :
    • पुस्तक : मैथिली लोकगीत (पृष्ठ 371)
    • संपादक : अणिमा सिंह
    • प्रकाशन : साहित्य अकादमी, नई दिल्ली
    • संस्करण : 1993

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