झारखंड के रचनाकार

कुल: 21

नवें दशक की कवयित्री। भाषिक सादगी और विषय-चयन के लिए उल्लेखनीय।

आठवें दशक के प्रमुख कवि। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

नई पीढ़ी की कवयित्री। स्त्रीवादी विचारों के लिए उल्लेखनीय।

सुपरिचित कवि। आदिवासी संवेदना-सरोकारों के लिए उल्लेखनीय। भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार और साहित्य अकादेमी के युवा पुरस्कार से सम्मानित।

नई पीढ़ी की कवयित्री। ‘प्राचीन भारत में मातृसत्ता और यौनिकता’ शीर्षक पुस्तक उल्लेखनीय।

नवें दशक में उभरे कवि। कथा-लेखन और संपादन में भी सक्रिय।

सुपरिचित कवयित्री। आदिवासी संवेदना-सरोकारों के लिए उल्लेखनीय।

इस सदी में सामने आईं हिंदी कवयित्री और गद्यकार। कहन में संक्षिप्तता के लिए उल्लेखनीय।

नई पीढ़ी के कवि-लेखक।

सुपरिचित कवि-लेखक और अनुवादक। साहित्यिक पत्रकारिता से भी संबद्ध।

भारत की पहली हिंदी आदिवासी कवयित्री।

नई पीढ़ी के सुपरिचित कवि-आलोचक। भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित।

नई पीढ़ी की कवयित्री। आदिवासी-संवेदना और सरोकारों के लिए उल्लेखनीय।

नई पीढ़ी की कवयित्री।

सुपरिचित कवि। कविताओं की एक दर्जन से अधिक पुस्तकें प्रकाशित।

हिंदी के सुपरिचित कवि-कथाकार। पत्रकारिता से संबद्ध।

सुपरिचित कवि और अँग्रेज़ी-हिंदी के परस्पर अनुवादक।

नई पीढ़ी की कवयित्री। अनुवाद-कार्य और संगीत से भी संबद्ध।

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