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थॉमस मूर

1478 - 1535 | मिल्क स्ट्रीट, लंदन

आयरिश कवि-गीतकार।

आयरिश कवि-गीतकार।

थॉमस मूर की संपूर्ण रचनाएँ

उद्धरण 1

तुम चाहे फूलदान तोड़ दो, चकनाचूर कर दो, लेकिन गुलाबों की सुगंध फिर भी उसके आसपास बनी रहेगी।

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