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Ranajit Guha's Photo'

रणजीत गुहा

1923 - 2023 | बाकरगंज, अन्य

रणजीत गुहा के उद्धरण

मुझे लगता है कि स्त्रियों की आवाज़, एक बार सुन ली जाए, तो वह दूसरी उपेक्षित आवाज़ों को भी सक्रिय और सुनने योग्य बना देगी।

अनुवाद : रचित

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